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गणपति अथर्वशीर्ष

​॥ श्री गणपति अथर्वशीर्ष ॥ (अर्थ सहित)​​शान्ति मन्त्र​श्लोक:ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः। भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः।स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिः। व्यशेम देवहितं यदायुः॥​हिंदी अर्थ:हे देवताओं! हम अपने कानों से कल्याणकारी वचन सुनें। यज्ञ करने वाले हम अपनी आंखों से शुभ...

जानिए कुलार्णव तंत्र गुरु के विषय में क्या कहता है 1

जानिए कुलार्णव तंत्र गुरु के विषय में क्या कहता है

कुलार्णव तंत्र (तथा अन्य कई आगम ग्रंथों) में गुरु और शिष्य की योग्यता, वर्णाश्रम तथा उनके परस्पर संबंधों को लेकर विस्तृत नियम दिए गए हैं।​इस विषय में कुलार्णव तंत्र के 13वें और 14वें उल्लास...

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आत्मा – यानी – स्वयं

आत्मा – यानी – स्वयं को जानने की इच्छा सबको रहती है। हर युग में हर पीढ़ी में ये जिज्ञासा हमेशा रही है और हर पीढ़ी में अपनी ओर से इसका समधान भी किया...

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।। श्री गणेश जी के दिव्य द्वादश नाम ।।

।। श्री गणेश जी के दिव्य द्वादश नाम ।। ➡️ विघ्नहर्ता, सिद्धिदाता और मंगलमूर्ति भगवान श्री गणेश के द्वादश नामों का स्मरण जीवन में सुख, समृद्धि, बुद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।...

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।। हनुमानाष्टक ।।

।।हनुमानाष्टक ।। ।।हनुमानाष्टक।। बाल समय रवि भक्षी लियो तब,तीनहुं लोक भयो अंधियारों। ताहि सों त्रास भयो जग को,यह संकट काहु सों जात न टारो। देवन आनि करी बिनती तब,छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो। को...

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आप और आपके गुरु

​आप और आपके गुरु अध्यात्म और तंत्र मार्ग में गुरु की महिमा व परम आवश्यकता​सनातन संस्कृति में ‘गुरु’ केवल एक व्यक्ति, शिक्षक या मार्गदर्शक नहीं हैं, बल्कि गुरु एक शाश्वत ‘तत्व’ हैं। संसार के...